दूसरे लोगों के बारे में समझने के लिए यह एक बहुत ही उपयोगी पुस्तक है। बॉडी लैंग्वेज यानी हाव-भाव एक तरह की शारीरिक भाषा है, जिसमें शब्द तो नहीं होते, लेकिन बिना कुछ कहे अपनी बात कह जाते हैं। बॉडी लैंग्वेज एक तरह से इंसान के व्यक्तित्व का आईना होती है। जैसे किताब के हर पन्ने में अलग-अलग बातें होती हैं, उसी तरह हाव-भाव के पीछे भी अलग-अलग अर्थ छिपे होते हैं। यह पुस्तक सिखाती है कि आँखों से संपर्क बनाए रखें अच्छी बॉडी लैंग्वेज के लिए आई-कॉन्टैक्ट यानी नज़रों से नज़रें मिलाकर बात करना बहुत ज़रूरी होता है।
चेहरे पर हल्की हँसी ज़रूर रखें, मगर क्यों? शरीर के हाव-भाव रखें ठीक, ताकि दूसरे आपके विषय में गलत अर्थ न लगाएँन
कपड़े पहनने की सही समझ कैसे रखें और सकारात्मक कैसे रहें, यह सब इस पुस्तक को पढ़कर आसानी से किया जा सकता है।